कमसिन साली को सेट करके चुदाई


सेक्सी साली पोर्न कहानी में पढ़े, आशा है 

कमसिन साली को सेट करके चुदाई की कोशिश

में आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने अपनी कमसिन साली को सेट किया और मस्ती की.


अब आगे सेक्सी साली पोर्न कहानी:


मैं और रीता अक्सर ऐसे ही छुपछुप कर मिलते और थोड़ी बहुत मस्ती कर लेते.

कभी उसके घर या हमारे घर लंड चूत को सहला कर पानी निकाल कर शांत हो जाते थे.


हम दोनों ही चुदाई करने को तड़प रहे थे लेकिन कोई मौका नहीं मिल रहा था और होटल जाने को वो राजी नहीं हो रही थी.


एक दिन उसके आफिस में सुबह-सुबह ही उसकी तबीयत खराब हो गई और उसने मुझे फोन करके बुला लिया कि मुझे घर छोड़ दो.

मैंने वहाँ पहुँच कर उसे लिया और डाक्टर के पास ले गया.


दवाई दिलवा कर हमने रास्ते में जूस पिया और फिर मैंने उससे कहीं घूमने को बोला.

तो वो बोली- घर क्या बोलूंगी?

मैंने कहा- घर शाम को ही जाना!

तो वो मान गई.


फिर हम दिल्ली चले गए.

थोड़ा बहुत घूम कर मैंने पूछा- होटल चलें?

तो बोली- किसी ने देख लिया तो?

मैं बोला- यहाँ कौन मिलेगा?

तो वह काफी जोर देने पर मान गई.


फिर मैं उसे लेकर एक होटल में गया. वहाँ हमने कमरा लिया ओर कमरे में जाते ही दरवाजा बंद करके बैठ गए.


रीता- इसमें कैमरे तो नहीं हैं?

मैंने सारे में अच्छी तरह से छानबीन की तो सब कुछ ठीक था. मैंने रीता से आराम करने को बोला.


इस सबमें 12:30 बज गए थे तो मैंने खाना मंगवाया और खाकर दोनों लेट गए और बातें करने लगे.


मैंने रीता को खींच कर अपने करीब किया और वो भी बड़े प्यार से मेरी बाहों में आ गई.

रीता- आज तो आपके मन की हो गई … आ गए होटल में!

मैं- मेरी जान मन की तो तब होगी जब तुम चूत दोगी.

रीता- ओ … कितने भोले हो … जैसे सब पूछ कर ही तो करते हो?


यह सुन कर मैंने अपने होंठ रीता के होठों पर रख दिए और चूसने लगा.

वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी.


दोस्तो, रीता के होंठ चूसकर एकदम मस्ती छाने लगी और मैं उसका सूट उतारने लगा.

तो वह मना करने लगी.


मैं मिन्नतें करने लगा तो बोली- कपड़े मत उतारो प्लीज!

मैंने कहा- मेरी जान, चुदाई बिना कपडे उतारे कैसे होगी?

रीता- मुझे नहीं पता … मुझे शर्म आती है. जो करना है ऐसे ही कर लो.


तो मैंने अंधेरा करके और एसी चलाकर रजाई ओढ़ ली और कहा- अब तो शर्म नहीं आएगी.


बड़ी मिन्नतों से सूट उतारा.

जैसे ही उसने शर्ट उतारा, मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए.

और रीता की भी लेगी और पेंटी एक झटके में उतार दी.


उसकी पेंटी उसके चूतरस से बिल्कुल सराबोर हो रही थी.

मैंने उसकी पेंटी को चूमकर चाट लिया और चूत को भी चाटने लगा.


रीता की हालत खराब होने लगी और वो तड़पती हुई सिसकारी लेने लगी और गांड उठा-2 कर चूत चटवाने लगी.


चूत चूसते हुए मैंने उसकी ब्रा ऊपर करके उसके मम्मे बाहर निकाल लिए और दबाने लगा.

अब रीता बिल्कुल पागल हो गई और झटके खाती हुई झड़ गई.


मैंने अपनी कमसिन साली का सारा चूतामृत पी लिया और ऊपर उससे चिपक गया.


इस सब में मेरे लंड की हालत खराब हो गई और वो फटने को हो गया.


मैंने रीता से बोला- यार, तुम्हारा तो हो गया. अब इसका भी कुछ करो!

तो बोली- मैं क्या करुं?

मैंने उसको चूसने को बोला तो उसने मना कर दिया.

कहने लगी- मुझसे नहीं होगा!


मेरे ज्यादा जोर देने पर एक बार मुंह में लिया और निकाल कर बोली- मुझसे नहीं होगा!


मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया और उसके चूचों से खेलने लगा और उसके हाथ में लंड पकडा दिया.


वो बड़े प्यार से मेरा लंड सहलाने लगी और मैं एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा.


तभी मैंने एकदम से एक उंगली साली की चूत में घुसा दी.

वो उछल पड़ी और कसमसा गई.


मैंने कहा- अब तैयार हो जाओ चुदने के लिए!

तो वो बोली- जीजू, जब उंगली से इतना दर्द होता है तो जब ये जाएगा मैं तो मर जाऊंगी.


मैं उसे मनाने लगा कि एक बार तो सबको दर्द होता है. आज तक कोई चुदाई से मरी है क्या और प्यार से करुंगा अगर ज्यादा दर्द होगा तो नहीं करेंगे!


फिर मैंने उससे क्रीम के लिए पूछा.

तो उसने अपने पर्स में से क क्रीम की ट्यूब दी जिसमें से क्रीम निकाल कर मैंने उसकी चूत पर लगाई और अपने लंड पर भी लगाई.


फिर मैं उसके ऊपर आ गया.

मैं लंड को चूत के ऊपर रगड़ने लगा.


रीता सिसकारते हुए बोली- आआ आह हहह जीजू … ये मुझे क्या हो रहा है … ये क्या कर दिया!

वह नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड लेने की कोशिश करने लगी और बोली- आआआ आआह हहह जीजू … करो … कुछ भी करो!

और मैंने उसके होठों को अपने होठों में जकड़ कर उसको पकड़ कर एक झटका मारा और लंड फिसल गया.
रीता खीज उठी, बोली- अब करो ना जीजू!
और लंड को खुद पकड कर चूत पर सेट करके बोली- करो!

मैंने फिर से धक्का मारा और सुपारा चूत में फंस गया.
और वो तड़प कर छूटने की कोशिश करने लगी.

लेकिन मैंने उसे जकड़े रखा और उसके मुंह को दबा कर एक और झटका मारा.
क्रीम लगे होने से लंड सरसराता हुआ अंदर चला गया और रीता हाथ पैर मारने लगी.
उसकी आंखों में आंसू आ गए.
वो छूटने की पूरी कोशिश करती रही.

मैं एक हाथ से उसके उसके चूचों को सहलाता दबाता रहा.

कुछ देर बाद वो कुछ शांत हुई तो मैंने उसका मुंह छोड़ दिया.
वो जोर जोर से रोने लगी.

मैंने फिर से उसका मुंह बंद कर दिया और समझाया कि जो दर्द होना था हो गया. एक बार तो सबको होता है.
और उसको यहां वहां चूमता रहा.

अब उसको कुछ राहत मिली और कुछ हिलने लगी.
अब मैंने उसे फिर छोड़ दिया.

इस बार वो कराह रही थी, बोली- बहुत दर्द हो रहा है, निकाल लो. मुझे नहीं करना!
मैं उसे सहलाते चूमते हुए धीरे-2 झटके देने लगा.

रीता- आआह जीजू … आज तो जान निकाल दी … मेरी चूत फट गई! ऐसा लग रहा है जैसे कट गई हो!

मैं- मेरी जान, अब तुम कली से फूल बन गई हो. अब जितना मर्जी चुदवाओ!
रीता- मुझे नहीं चुदवाना …. आ आआआ … मैंने आकर गलती कर दी! आप बहुत गंदे हो जीजू …. इतना दर्द दिया है और कहते हो प्यार करते हो! ओ जीजू … अब तो करते रहो बस करो!

मैं- क्या करता रहूं?
रीता- जो कर रहे हो!
मैं- क्या कर रहा हूं?
रीता- बहुत बेशरम हो! ठीक है … सुनो चोदो मुझे … आआ आ हा जीजू … ऐसे ही चोदते रहो. अब मैं आपकी हूँ … जब मन करे जहाँ मन करे चोद लेना! आज से मैं और मेरी चूत दोनो आपकी हैं.

और मैं पोर्न साली की चूत में धक्के लगाने लगा.
वो मुझसे कस के लिपट गई और झड़ गई

तब मेरी साली मुझे रोकने लगी.
मैंने उसकी एक नहीं सुनी और लगा रहा.
10 मिनट बाद मैं भी उसकी चूत में झड़ गया और वो भी एक बार फिर झड़ गई और मुझसे बुरी तरह चिपक गई.
मैं उसके ऊपर लेटा रहा.

कुछ देर बाद वो बोली- जीजू उठो, मुझे बाथरूम जाना है!
मैं उठ गया.

वो उठ कर चलने लगी तो उससे चला नही गया.
फिर मैं उसे पकड़ कर बाथरूम ले गया.

वो बैठकर मूतने लगी और बोली- जल रहा है!
फिर मैंने उसकी चूत को अच्छे से धोया और हम वापस आकर लेट गए.

अब वो बोली- आज तो आपने मेरी जान निकाल दी.

बात करते हुए मेरा फिर मूड बन गया और मैंने उसको लंड पकड़ा दिया.
सेक्सी साली बोली- ये तो फिर तन गया?
मैं- इसको फिर से चाहिए!

रीता- अब बिल्कुल नहीं!
मैं- अभी तो कह रही थी मैं और मेरी चूत दोनों आपकी हैं जब मन करे चोद लेना अब मना कर रही हो?
रीता- हाँ, बस अभी के लिए मना कर रही हूँ. आपको नहीं पता कितना दर्द और जलन हो रही है.

फिर मैंने गीजर चालू करके गर्म पानी किया और उसकी चूत की सिकाई की.
गर्म पानी से उसे बहुत राहत मिली.

और एक बार फिर मैंने उसे बातों में फंसा कर चोद लिया.

अब हम अकसर होटल में जाकर चुदाई करते हैं.

तो ये थी मेरी और मेरी कमसिन साली की चुदाई की दास्तान!




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